space time mystery: अंतरिक्ष में कैसे और कौन-सी घड़ियां करती है काम??? जानिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के समय का विज्ञान

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space time mystery: अंतरिक्ष में कैसे और कौन-सी घड़ियां करती है काम??? जानिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के समय का विज्ञान
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space time mystery: अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (International Space Station – ISS) पृथ्वी से लगभग 400 किमी ऊपर कक्षीय वातावरण में स्थित एक बहुराष्ट्रीय परियोजना है। NASA, Roscosmos, ESA, JAXA, CSA जैसे प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियों का सहयोग इसमें शामिल है। ISS में वैज्ञानिक प्रयोग, मानव जीवन पर माइक्रोग्रैविटी का अध्ययन और अगली पीढ़ी के मिशनों की तैयारी होती है ।

🌍 24 घंटे में 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त

ISS साधारण पृथ्वी की तुलना में तेजी से घूमती है—लगभग 90 मिनट में एक चक्कर ।
इस गति से लगभग प्रति 24 घंटे में 16 बार सूर्योदय और सूर्यास्त होता है। यह लगातार प्रकाश-छाया के चक्र मानव शरीर की सर्कैडियन लय के लिए विकार का कारण बन सकता है।

इसलिए, वहाँ दिन और रात की कृत्रिम व्यवस्था होती है: सोने की घंटों के दौरान लाइट्स मद्धिम और जगने के समय तेज़ कर दी जाती हैं ।

🕰️ ISS में समय कैसे चलता है?

UTC (Coordinated Universal Time) – आधिकारिक समय

स्पेस स्टेशन का “टाइम (TIME) जोन” Coordinated Universal Time (UTC) है, जिसे सामान्य भाषा में GMT (Greenwich Mean Time) भी कहा जाता है ।
UTC एक एटॉमिक क्लॉक आधारित मानक है जिससे सभी मिशन कंट्रोल विधियों, वैज्ञानिक डेटा और संचार प्रणालियों का तुलनात्मक रूप से अग्रिम समन्वय संभव हो पाता है ।

UTC क्यों चुना गया?

  1. अंतर्राष्ट्रीय समन्वय – ISS में NASA, Roscosmos, ESA, JAXA जैसे अंतरराष्ट्रीय सहयोगी हैं; UTC सभी को एक सामान्य TIME प्रदान करता है ।
    1. मिशन कंट्रोल का संतुलन – UTC न्यूयॉर्क से आगे या पीछे का समय न बनकर Houston (USA) और Moscow (रूस) को बराबर रूप से सुविधा देता है ।

  2. लगातार कक्षीय परिवर्तन – समय क्षेत्रों के अंतर्गत पृथ्वी का विविध समय ISS के लिए निरर्थक, अतः एक सामान्य मानदंड बना देना सुव्यवस्था के लिए आवश्यक था।
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स्पेस स्टेशन पर घड़ियाँ कैसे रहती हैं संचालित?

एटॉमिक क्लॉक (Atomic Clock Ensemble in Space – ACES)

  • अप्रैल 2025 में ISS के Columbus मॉड्यूल पर ESA द्वारा ACES नामक एटॉमिक क्लॉक इंस्टॉल किया गया — जिससे अंदरूनी समय की सटीकता बेहद उच्च स्तर तक उठ गई है ।
  • इसमें Caesium और Hydrogen maser clocks BHI शामिल हैं, जो हिस्से में सेकंडों की त्रुटि का मिलियन वर्षों तक संतुलन बनाए रखते हैं ।
  • यह केवल वैज्ञानिक प्रयोगों के लिए नहीं, बल्कि GPS, अंतरिक्ष ट्रैकिंग,  सिग्नल KI टैक्सिंग, और टाइम-डिलेशन KA अध्ययन में भी उपयोगी है।

हाथ की घड़ियाँ भी जरूरी हैं

Scott Kelly जैसे वरिष्ठ astronaughts स्पेस में अक्सर दो घड़ियाँ पहनते थे—एक प्रमुख UTC समय के लिए, दूसरी sleep-tracking या mission elapsed time रिकॉर्ड करने के लिए ।

🧭 space time mystery – टाइम डिलेशन

सापेक्षता (Relativity) के अनुसार, ISS की गति और गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र की भिन्नता की वजह से समय में सूक्ष्म अंतर होता है:

  • ISS पर समय लगभग कुछ मिलीसेकंड धीमा चलता है — छह महीनों में लगभग 0.007 सेकंड का अंतर ।
  • इसी सिद्धांत के अंतर्गत GPS satellites को भी टाइम डिलेशन के हिसाब से एडजस्ट किया जाता है।

भारतीय समय की भूमिका

भारतीय समय (Indian Standard Time – IST) से ISS समय का अंतर UTC आधारित होता है। IST.UTC से +5.5 घंटे आगे है ।


उदाहरण के लिए:

जैसे– ISS पर आधी रात (00:00 UTC) होगी, तब भारत में सुबह 5:30 AM बजे होगा।

इसलिए Captain Shubhanshu Shukla और अन्य AX-4 मिशन के भारतीय अंतरिक्ष यात्री ISS पर रहते हुए भी अपनी योजनाओं में UTC का पालन करेंगे — लेकिन भारत से संवाद में हमेशा IST में समय समायोजन करना पड़ता है।

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📆 AX‑4 मिशन और Captain शुभांशु शुक्ला

28 जून 2025 को PM मोदी ने ISS पर मौजूद Captain शुभांशु शुक्ला से बात की, जो AX ‑ 4 मिशन के तहत ISS में भारतीय प्रतिनिधि
वे ISS पर 14 दिनों का मिशन करेंगे, जो वैज्ञानिक प्रयोग, उनके स्वास्थ्य, और भारत-अमेरिका जैसे देशों के बीच सहयोग की नींव तय करेंगे।

💤 ISS का दैनिक रोस्टर (UTC पर आधारित)

  • 06:00 UTC – वेक-अप कॉल
  • 08:10 UTC – मिशन कंट्रोल के साथ कॉन्फ्रेंस
  • 10:00–13:00 UTC – वैज्ञानिक प्रयोग, फिटनेस आदि
  • 13:05–14:05 UTC – लंच ब्रेक
  • 14:05–19:30 UTC – दोपहर की गतिविधियाँ + व्यायाम
  • 19:30–21:30 UTC – डिनर, शेड्यूल अपडेट, तैयारियाँ
  • 21:30 UTC – सोने का समय
    यह शेड्यूल यूरोपीय, अमेरिकी और रूसी एजेंसियों के समन्वय पर आधारित है ।

🔍 FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या ISS पर कभी स्थानीय समय का उपयोग होता है?
नहीं। किसी भी देश-विशिष्ट समय क्षेत्र का उपयोग नहीं किया जाता—पूरी तरह UTC पर ही टिक कर चलता है।

2. ISS पर सर्कैडियन रिदम कैसे बनाए रखते हैं?
‘डे-नाइट’ सिमुलेशन लाइट्स सिस्टम और समय-निर्धारित आवाज़ जैसे संकेतों से नींद-जागने का क्रम सुनिश्चित किया जाता है ।

3. क्या समय की गणना मोबाइल या कंप्यूटर से होती है?
न केवल मोबाइल, बल्कि onboard कंप्यूटर भी UTC से सिंक्रोनाइज़ रहते हैं — और ACES की सटीकता इसके लिए सहायक है।

4. क्या ISS में टाइम डिलेशन ध्यान में रखा जाता है?
जी हाँ, वैज्ञानिक प्रयोगों और GPS सिंक्रोनाइजेशन में समय अंतर बहुत मायने रखता है। इसलिए समय समायोजन नियमित होता है।


🌌 space time mystery

  • ISS एक अन्तरराष्ट्रीय प्रयोगशाला है जिस पर सभी क्रियाएँ UTC (GMT) पर संचालित होती हैं।
  • यहाँ तेज़ कक्षीय गति के कारण दिन और रात का चक्र बार-बार बदलता है, लेकिन समय-निर्धारण सुनिश्चित रहता है।
  • अभी Captain शुभांशु शुक्ला AX‑4 मिशन में ISS पर हैं और UTC अनुसरण उनकी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा है

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