hyundai: भारतीय ग्राहकों की बदलती चॉइस के बीच, हुंडई की सनरूफ वाली कारें बन रही हैं ब्रांड की सफलता की नई वजह। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक नया ट्रेंड देखा गया है – सनरूफ वाली कारों की बढ़ती मांग। जहाँ पहले सनरूफ केवल लग्जरी गाड़ियों की पहचान होती थी, अब यह मिड-सेगमेंट कारों में भी आम होती जा रही है। इसी ट्रेंड को पहचानकर हुंडई इंडिया ने इसे अपनी ग्रोथ स्ट्रैटेजी का हिस्सा बना लिया है।
hyundai सनरूफ का क्रेज क्यों बढ़ा?
भारत में मौसम ज्यादातर गर्म और धूप वाला होता है, फिर भी सनरूफ का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। इसके कई कारण हैं:
- लुक और फील: सनरूफ से कार प्रीमियम लगती है।
- ओपन एयर एक्सपीरियंस: ड्राइव के दौरान खुला आसमान देखना एक शानदार अनुभव देता है।
- सोशल मीडिया का प्रभाव: सेल्फी और रील्स बनाने के लिए सनरूफ वाली कारें पॉपुलर हो रही हैं।
- युवाओं की पसंद: नई जनरेशन को स्टाइल और फीचर्स में समझौता नहीं चाहिए।

हुंडई इंडिया का स्मार्ट कदम
हुंडई मोटर इंडिया ने इस बदलते ट्रेंड को समय रहते पहचान लिया और अपने कई पॉपुलर मॉडल्स में सनरूफ को स्टैंडर्ड या वैकल्पिक फीचर के रूप में शामिल करना शुरू कर दिया।
उदाहरण के लिए:
- हुंडई वेन्यू (Hyundai Venue): सब-कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में सनरूफ जोड़कर हुंडई ने इसे युवाओं की पहली पसंद बना दिया।
- क्रेटा (Creta): पहले से ही एक बेस्टसेलर, सनरूफ वर्जन के आने से इसकी डिमांड और बढ़ गई।
- i20: प्रीमियम हैचबैक में सनरूफ जोड़ना एक बोल्ड लेकिन कामयाब कदम था।
बिक्री पर पड़ा असर
हुंडई इंडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, सनरूफ वाली वेरिएंट्स की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 2024 और 2025 के शुरुआती महीनों में यह देखा गया कि:
- लगभग 40% से ज्यादा ग्राहकों ने सनरूफ वर्जन को चुना।
- कुछ मॉडलों में तो यह आंकड़ा 60% तक पहुंच गया।
यह स्पष्ट करता है कि ग्राहक अब केवल माइलेज और कीमत नहीं, बल्कि फीचर्स को भी उतना ही महत्व दे रहे हैं।
हुंडई की ग्रोथ स्टोरी में सनरूफ की भूमिका
भारत में ऑटोमोटिव कंपनियों की सफलता उस हद तक ही सीमित नहीं रहती कि वो कितनी यूनिट बेच रही हैं, बल्कि बात उस रणनीति की होती है जिससे वो मार्केट में आगे निकल रही हैं।
सनरूफ एक ऐसा फीचर है जिसने हुंडई की इमेज को “टेक-फ्रेंडली और यंग ब्रांड” में बदला है।
ग्रोथ के कुछ मुख्य बिंदु:
- ब्रांड पर्सेप्शन में सुधार: हुंडई अब युवाओं के लिए ‘कूल’ ब्रांड बन गया है।
- अधिक प्रीमियम वेरिएंट की बिक्री: इससे कंपनी को प्रति यूनिट ज्यादा मुनाफा मिलता है।
- टेक्नोलॉजी-फोकस्ड इमेज: सनरूफ के साथ कई स्मार्ट फीचर्स भी जुड़ते हैं, जिससे टेक-सेवी ग्राहकों को अपील होती है।
ग्राहक क्या चाहते हैं?
ग्राहकों की सोच में आए बदलाव को समझें:
| फीचर | पहले | अब |
|---|---|---|
| माइलेज | सबसे जरूरी | अब भी जरूरी, लेकिन अकेला फैक्टर नहीं |
| स्टाइल | सेकेंडरी | अब प्राथमिकता में |
| टेक्नोलॉजी | कम अपेक्षा | अब स्मार्ट फीचर्स की डिमांड |
सनरूफ इस बदलते ट्रेंड का प्रतीक बन चुका है।

यह भी पढ़ें- Mahindra Bolero ने किया सबसे बड़ा धमाका!फीचर्स देख Fortuner वाले भी शर्मा जाएं !!!
अन्य कंपनियों को मिला संकेत
हुंडई की सफलता ने दूसरी कंपनियों को भी सनरूफ को अपनाने पर मजबूर कर दिया है। आज मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, किया, MG, और होंडा जैसी कंपनियाँ भी अपनी मिड-सेगमेंट कारों में सनरूफ ऑफर कर रही हैं।
इससे भारतीय ऑटो बाजार में एक “सनरूफ युद्ध” शुरू हो चुका है, जिसमें हर ब्रांड अपने तरीके से ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।
भविष्य की रणनीति: सनरूफ से आगे क्या?
हुंडई जानती है कि सिर्फ सनरूफ से गेम ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। इसलिए कंपनी अब इन फोकस एरियाज पर काम कर रही है:
- पैनोरमिक सनरूफ्स: प्रीमियम SUV और EV मॉडल्स में।
- सनरूफ + स्मार्ट फीचर्स कॉम्बो: जैसे वॉयस कमांड से सनरूफ खोलना।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में सनरूफ: आने वाले EVs में भी ये फीचर शामिल होगा।
hyundai
हुंडई इंडिया की सफलता का यह नया अध्याय दिखाता है कि ग्राहकों की इच्छाओं को पहचानना और उस पर समय रहते काम करना किसी भी कंपनी की ग्रोथ का आधार बन सकता है।
सनरूफ एक सिंपल दिखने वाला फीचर है, लेकिन इसकी ताकत ने हुंडई की बाजार हिस्सेदारी, ब्रांड इमेज और ग्राहकों के साथ संबंधों को नया आयाम दिया है।







